व्रत या उपवास के दिनों में पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन की आवश्यकता होती है, जो आसानी से पच सके और ऊर्जा प्रदान कर सके। साबूदाना खिचड़ी एक ऐसा ही व्यंजन है जो उपवास के दौरान बेहद लोकप्रिय है। यह न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि बनाने में भी बहुत आसान है। साबूदाना खिचड़ी में मूंगफली और आलू मिलाने से इसका पोषण मूल्य बढ़ जाता है और यह आपको लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करता है। आइए, जानते हैं कैसे बनाएं यह आसान और स्वादिष्ट साबूदाना खिचड़ी।

सामग्री
साबूदाना खिचड़ी के लिए:
- 1 कप साबूदाना (साबूदाना मोती)
- 2 बड़े चम्मच मूंगफली के दाने, भूने और दरदरे पीसे हुए
- 2-3 हरी मिर्च, बारीक कटी हुई
- 1 आलू, उबला हुआ और कटा हुआ
- 1 चम्मच जीरा
- 2 बड़े चम्मच घी या तेल
- स्वादानुसार सेंधा नमक
- ताजा धनिया, बारीक कटा हुआ (सजावट के लिए)
- नींबू का रस (वैकल्पिक)
विधि :-
- साबूदाना को धोकर 3-4 घंटे के लिए या रात भर पानी में भिगो दें। ध्यान दें कि साबूदाना में पानी सिर्फ इतना हो कि वह भीग जाए, ज्यादा पानी न डालें।
- एक कढ़ाई में घी या तेल गरम करें और उसमें जीरा डालें। जब जीरा चटकने लगे, तो हरी मिर्च डालें।
- अब कटा हुआ आलू डालकर सुनहरा होने तक भूनें।
- भीगे हुए साबूदाना डालें और अच्छे से मिलाएं। मूंगफली का दरदरा पेस्ट और सेंधा नमक डालें।
- साबूदाना को धीमी आंच पर पकाएं, जब तक वह पारदर्शी न हो जाए।
- ताजा धनिया और नींबू का रस डालकर अच्छे से मिलाएं।
- गरमागरम साबूदाना खिचड़ी को परोसें।
व्रत या उपवास के दौरान सही भोजन का चयन बहुत महत्वपूर्ण होता है, ताकि आप ऊर्जा से भरपूर और ताजगी महसूस कर सकें। साबूदाना खिचड़ी एक ऐसा ही व्यंजन है, जो व्रत के दिनों में आपके शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और भूख को शांत करता है। यह खिचड़ी हल्की, पौष्टिक और स्वादिष्ट होती है, जो पेट को आराम देती है और आसानी से पच जाती है। इसे खाकर आप ताजगी और ऊर्जा का अनुभव करेंगे, जो आपको पूरे दिन सक्रिय और स्फूर्ति से भरपूर रखेगी।





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